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उत्तराखंड: सीएम त्रिवेन्द्र ने किया सूर्यधार झील का लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी, जलाशय सूर्याधार का लोकार्पण किया। 50.25 करोड़ रूपये की लागत से बनी इस झील की धारण क्षमता 77 हजार घन मीटर है। यह झील 550 मी. लम्बी, 28 मीटर चौड़ी एवं 10 मीटर गहरी है। इस अवसर पर सीएम त्रिवेन्द्र ने झील पर नौकायन किया एवं मत्स्य के बीज डाले। यह झील मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट में है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड डोईवाला में सुसवा नदी के दायें किनारे पर लाल माटी खाले से बडकली पुल तक सुरक्षात्मक कार्य के लिए 2.63 करोड़ की सुरक्षात्मक कार्ययोजना, विकासखण्ड रायपुर के बांदल नदी पर सरखेत ग्राम की 1.85 करोड़ रूपये की लागत की बाढ़ सुरक्षा योजना एवं डोईवाला विकासखण्ड के अन्तर्गत सिमलासग्रान्ट नहर के विस्तारीकरण/ सुरक्षा एवं नवीनीकरण की 2.31 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्याधार क्षेत्र में लोगों को संचार सुविधाओं हेतु जियो का टावर लगाया जायेगा।

      सीएम ने कहा कि आज उत्तराखण्ड को एक ऐसा प्रोजेक्ट समर्पित किया जा रहा है, जिसके पीछे एक दूरगामी सोच है। इसका प्रयोजन व संदेश बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि इस झील को बनाने का उद्देश्य सिर्फ पेयजल एवं सिंचाई ही नहीं है, इसके व्यापक परिणाम आयेंगे। इससे पानी के सोर्स रिचार्ज होंगे, पर्यावरण के लिए बेहतर ईको सिस्टम होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से बेहतर डेस्टिनेशन बने। इससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि झील से 18 गांवों को ग्रैविटी वाटर की उपलब्धता होगी एवं 1247 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। पहले इस क्षेत्र में 534 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई हो पाती थी। इस जलाशय के बनने से क्षेत्र की 30 हजार आबादी की प्रति व्यक्ति की प्रतिदिन 40 लीटर पानी की उपलब्धता से बढ़कर 100 लीटर प्रतिदिन हो जायेगी, अर्थात् प्रतिव्यक्ति को ढाई गुना अधिक पानी की उपलब्धता हो जायेगी। इस सूर्याधार में वाटर स्पोर्ट्स को विकसित करने के प्रयास किये जायेंगे। यहां पर साल में 3-4 दिन के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी जी के नाम पर इस झील का नाम रखा गया है।  नैथानी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। वे हमेशा से आरएसएस संघ की विधारधारा से जुड़े रहे। समाज की सेवा करना ही उनका एकमात्र धेय था।

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