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मुख्यमंत्री ने नदियों एवं झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्य योजना के तहत स्वीकृत की धनराशि

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की नदियों एवं झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्य योजना के तहत जनपद पिथौरागढ़ के सोनगांव स्थित रणज्योति ताल के पुनर्जीवीकरण हेतु 75.50 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ...

रविवार को सम्पन्न हुई भाजपा उत्तराखंड की कोर कमेटी की बैठक, लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

देहरादून : रविवार को भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की कोर कमेटी की बैठक प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें भाजपा राष्ट्रीय सह-महामंत्री ( संगठन) शिव प्रकाश, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश ...

राज्य में जल्द लाई जाएगी नई खेल नीति, खेल विशेषज्ञों और खिलाड़ियों से लिए जा रहे सुज्ञाव

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा और खेल विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक ब्लाॅक में दो-दो अटल आदर्श विद्यालय स्थापित किए जाएं। राज्य की नई खेल नीति के बारे ...

नहीं रहा उत्तराखंडी लोकसंस्कृति का 'हीरा'

हीरासिंह राणा को परिभाषित करना असंभव है। हर शब्द अपूर्ण है। कुछ भी पर्याय नहीं। है तो बस, उत्तराखंडियत। पहाड़ का ही दूसरा नाम है हीरासिंह राणा। 15 साल में जो कलम उठाई तो जैसे पहाड़ बोलने लगा। 60 ...

रहे ना रहे हम महका करेंगे...

    बाबरे नैन फिल्म अपने यादगार नग्मों के साथ आई तो रोशन अपने नाम को सार्थक कर गए। गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) में रोशन नागराथ का बचपन बीता। बहते चिनाब के पानी में संगीत है। वहां की हवाओं में ...

लोककलाओं में झलका उत्तराखंड का जीवन, नृत्य मंचन और शिल्प में दिखी है भव्यता

उत्तराखंड की कला में नृत्यों के विभिन्न स्वरूप हैं। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रो के अनुरूप यहां नृत्यों का संयोजन भी हुआ है। नृत्य की जो छटा आपको रंवाईं जोनसार में दिखेगी उससे अलग मुनस्यारी पर। पर हर कला निखरी ...

कोरोना: चाहो तो जिता दो, चाहो तो हरा दो...

अनुशासन यानि खुद पर खुद का शासन। हम अगर अपने शासन के तहत रहेंगे तो इस विश्वव्यापी महामारी से बच जाएंगे। अपने परिवारजनों और मित्रों को भी कहिये कि खुद पर खुद का शासन चलाएं। हम अपनी पूरी जिंदगी ...

गैरसैंण को लेकर असली चुनौती तो अब है...

बीस साल बाद ही सही, लेकिन गैरसैंण पर उत्तराखंड की राजधानी के नाम पर एक ठप्पा तो लगा। यह सही है कि गैरसैंण को हमेशा से (राज्य गठन के पूर्व से ही) उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की ...

उत्तराखंड- लोक साहित्य और लोक गायन की रही है सुंदर परंपरा

लोकसाहित्य लोक जीवन क दर्पण है। लोकसाहित्य में अमूमन काल क्रम नहीं होता। उत्तराखंड का लोकसाहित्य बहुत समृद्ध रहा है। गढवाली कुमाऊनी अत्यंत प्राचीन और समृद्ध भाषा है। अनेक लोकगीत, लोकगाथाएं मुहावरे, लोकोक्तियां लोककथाओं से संपन्न यह भाषा है। इसका अपना ...

लोककलाओं  में  झलका उत्तराखंड  का जीवन

लोक कला का रहा है जीवन से सरोकार   उत्तराखंड  का जीवन कठिन परिस्थितियों का रहा है। इस हिमालयी क्षेत्र को प्रकृति का अनमोल वरदान है। प्रकृति यहां सुंदर भी है गूढ भी है, वह मौन भी है और ...