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नहीं रहा उत्तराखंडी लोकसंस्कृति का 'हीरा'

हीरासिंह राणा को परिभाषित करना असंभव है। हर शब्द अपूर्ण है। कुछ भी पर्याय नहीं। है तो बस, उत्तराखंडियत। पहाड़ का ही दूसरा नाम है हीरासिंह राणा। 15 साल में जो कलम उठाई तो जैसे पहाड़ बोलने लगा। 60 ...

रहे ना रहे हम महका करेंगे...

    बाबरे नैन फिल्म अपने यादगार नग्मों के साथ आई तो रोशन अपने नाम को सार्थक कर गए। गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) में रोशन नागराथ का बचपन बीता। बहते चिनाब के पानी में संगीत है। वहां की हवाओं में ...

लोककलाओं में झलका उत्तराखंड का जीवन, नृत्य मंचन और शिल्प में दिखी है भव्यता

उत्तराखंड की कला में नृत्यों के विभिन्न स्वरूप हैं। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रो के अनुरूप यहां नृत्यों का संयोजन भी हुआ है। नृत्य की जो छटा आपको रंवाईं जोनसार में दिखेगी उससे अलग मुनस्यारी पर। पर हर कला निखरी ...

कोरोना: चाहो तो जिता दो, चाहो तो हरा दो...

अनुशासन यानि खुद पर खुद का शासन। हम अगर अपने शासन के तहत रहेंगे तो इस विश्वव्यापी महामारी से बच जाएंगे। अपने परिवारजनों और मित्रों को भी कहिये कि खुद पर खुद का शासन चलाएं। हम अपनी पूरी जिंदगी ...

गैरसैंण को लेकर असली चुनौती तो अब है...

बीस साल बाद ही सही, लेकिन गैरसैंण पर उत्तराखंड की राजधानी के नाम पर एक ठप्पा तो लगा। यह सही है कि गैरसैंण को हमेशा से (राज्य गठन के पूर्व से ही) उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की ...

उत्तराखंड- लोक साहित्य और लोक गायन की रही है सुंदर परंपरा

लोकसाहित्य लोक जीवन क दर्पण है। लोकसाहित्य में अमूमन काल क्रम नहीं होता। उत्तराखंड का लोकसाहित्य बहुत समृद्ध रहा है। गढवाली कुमाऊनी अत्यंत प्राचीन और समृद्ध भाषा है। अनेक लोकगीत, लोकगाथाएं मुहावरे, लोकोक्तियां लोककथाओं से संपन्न यह भाषा है। इसका अपना ...

लोककलाओं  में  झलका उत्तराखंड  का जीवन

लोक कला का रहा है जीवन से सरोकार   उत्तराखंड  का जीवन कठिन परिस्थितियों का रहा है। इस हिमालयी क्षेत्र को प्रकृति का अनमोल वरदान है। प्रकृति यहां सुंदर भी है गूढ भी है, वह मौन भी है और ...

अपने राम और उनकी लीला

रामलीला का मंचन केवल मनोरंजन या धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह नाट्य परंपरा का एक उच्च रूप भी है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में हमें जो विरासत मिलीं हैं उनमें  रामलीला का मंचन भी है। लगभग डेढ सदी से ...

ताकत का खजाना,करामती जड़ी

हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में एक नायाब जड़ी मिलती है ‘यारशागुंबा’ जिसका उपयोग भारत में तो नहीं होता लेकिन चीन में इसका इस्तेमाल प्राकृतिक स्टीरॉयड की तरह किया जाता है. भारत में यरशागुंबा को कीड़ा जड़ी के नाम ...

अलविदा खय्याम, भावभीनी श्रद्धांजलि

करोगे याद, तो हर बात याद आएगी   खय्याम जब भी साज को छेड़ेंगे उसका जादू सिर चढ़ कर बोलेगा। उनके संगीत के सामने इस बात का कोई मतलब नहीं रह जाता कि आज संगीत के ...