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आकाश में भी खेलना  माराडोना ...

डिएगो माराडोना यूं हीं नहीं सर्वकालीन महान फुटबालर कहे गए। गजब की स्फूर्ति , चपलता और नियंत्रण से उन्होंने फुटबाल बेहद कलात्मक बनाया। जिस फुटबाल पर खेल की दुनिया मचलती है उसने डियेगो के उस गोल को भी देखा ...

संगठन और प्रबंधन के महारथी थे अहमद पटेल

कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल का आज सुबह निधन हो गया। वह कोरना से संक्रमित थे। कांग्रेस में अहमद पटेल के होने की अहमियत को हमेशा समझा गया। सियासी हलकों में यह बात कभी छिपी नहीं रही कि ...

नहीं रहा उत्तराखंडी लोकसंस्कृति का 'हीरा'

हीरासिंह राणा को परिभाषित करना असंभव है। हर शब्द अपूर्ण है। कुछ भी पर्याय नहीं। है तो बस, उत्तराखंडियत। पहाड़ का ही दूसरा नाम है हीरासिंह राणा। 15 साल में जो कलम उठाई तो जैसे पहाड़ बोलने लगा। 60 ...

तुम बह न जाओ कहीं...

तुम आंखो में समायी हो, अश्क बहाऊं भी तो कैसे तुम्हें जो समेटा है अश्कों में, तुम बह न जाओ कहीं, इसलिए मैं रोता नहीं हूं गुमसुम रहता हूं तुम दूर न ...

ये समय उत्तराखंड की तस्वीर और तक़दीर बदलने का है!- रमेश भट्ट

मेरा प्रयास रहता है कि मैं हर उत्तराखंडी को ये भरोसा दिला सकूं कि हम राज्य में रहकर भी बहुत कुछ कर सकते हैं। 90 के दशक में भीमताल में फूलों की खेती ने लोगों को नई दिशा दिखाई ...

रहे ना रहे हम महका करेंगे...

    बाबरे नैन फिल्म अपने यादगार नग्मों के साथ आई तो रोशन अपने नाम को सार्थक कर गए। गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) में रोशन नागराथ का बचपन बीता। बहते चिनाब के पानी में संगीत है। वहां की हवाओं में ...

मशहूर संगीत निर्देशक वाजिद खान का निधन

कोरोनावायरस के कहर के बीच बॉलीवुड से बुरी खबर सामने आई है। जहां बॉलीवुड के मशहूर संगीत निर्देशक वाजिद खान का निधन हो गया है। साजिद और वाजिद की जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री में काफी मशहूर थी। मीडिया जानकारी के मुताबिक ...

लोककलाओं में झलका उत्तराखंड का जीवन, नृत्य मंचन और शिल्प में दिखी है भव्यता

उत्तराखंड की कला में नृत्यों के विभिन्न स्वरूप हैं। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रो के अनुरूप यहां नृत्यों का संयोजन भी हुआ है। नृत्य की जो छटा आपको रंवाईं जोनसार में दिखेगी उससे अलग मुनस्यारी पर। पर हर कला निखरी ...

कोरोना: चाहो तो जिता दो, चाहो तो हरा दो...

अनुशासन यानि खुद पर खुद का शासन। हम अगर अपने शासन के तहत रहेंगे तो इस विश्वव्यापी महामारी से बच जाएंगे। अपने परिवारजनों और मित्रों को भी कहिये कि खुद पर खुद का शासन चलाएं। हम अपनी पूरी जिंदगी ...

तीन साल जैसा मैंने  त्रिवेंद्र जी को देखा...

साल 2017, मई के महीने पारा आसमान छूने लगा था। जितनी गर्मी बाहर थी, उतनी ही उथलपुथल मन में भी थी। दिल्ली से देहरादून तक आ तो गया, लेकिन सवाल बार बार मन को उद्वेलित कर रहा था कि ...