देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सुर्खियों में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ देहरादून में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ कथित आपत्तिजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देहरादून कोतवाली में 25 अक्टूबर 2026 की रात दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353, 356 और 79 लगाई गई हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अदालत परिसर में पेशी के दौरान उर्मिला सनावर ने दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा नेता बीएल संतोष और आरती गौड़ को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उर्मिला सनावर के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हरिद्वार में दर्ज एक अन्य मामले में उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की शिकायत पर दर्ज मामले में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा करने, पांच करोड़ रुपये की मांग करने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, इसी शिकायत के आधार पर उर्मिला सनावर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
वर्ष 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। वह ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हाल के महीनों में यह मामला कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े आरोपों के कारण फिर चर्चा में आया। उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा की थी और मामले में एक प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका को लेकर दावे किए थे। संबंधित पक्षों ने इन आरोपों को खारिज किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
अंकिता भंडारी मामले की जांच के सिलसिले में उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने नार्को-विश्लेषण तथा पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए सहमति देने की बात कही थी। रिपोर्टों के अनुसार, उर्मिला को इस संबंध में देहरादून की सीबीआई अदालत में पेश होना था।
इसी बीच उनकी गिरफ्तारी और देहरादून में नई प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जारी रहनी चाहिए। हालांकि, गिरफ्तारी और नए मुकदमे के पीछे किसी राजनीतिक मंशा के होने की बात अभी आरोप और राजनीतिक दावों के दायरे में है।
उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज नए मुकदमे में पुलिस कथित टिप्पणियों, वीडियो और संबंधित साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को अदालत से दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
वहीं, अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही से मामले के विभिन्न पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
0 Comments