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उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा का विस्तार, धामी सरकार में शुरू हुए 3 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज

देहरादून। उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार की ओर से नए कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में अल्मोड़ा, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में तीन नए राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। वहीं, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में भी जल्द MBBS की 100 सीटें आवंटित होने की उम्मीद जताई गई है।

राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है, ताकि युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा सके।

उत्तराखंड में छह सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ उत्तराखंड में वर्तमान में छह सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा, हरिद्वार और पिथौरागढ़ के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

इन छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कुल 675 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को 100 सीटें आवंटित होने पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों की संख्या बढ़कर 775 हो सकती है।

निजी मेडिकल कॉलेज और एम्स को मिलाकर 1700 सीटें

प्रदेश में सरकारी संस्थानों के साथ निजी मेडिकल कॉलेजों और एम्स ऋषिकेश के माध्यम से भी चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में MBBS सीटों की कुल संख्या लगभग 1700 तक पहुंच गई है।

इसमें छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 675 सीटें, चार निजी मेडिकल कॉलेजों की 900 सीटें और एम्स ऋषिकेश की 125 सीटें शामिल हैं।

किस मेडिकल कॉलेज में कितनी MBBS सीटें?

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून: 150 सीटें
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी: 125 सीटें
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर: 150 सीटें
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा: 100 सीटें
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार: 100 सीटें
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़: 50 सीटें

इन सीटों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिल रहे हैं।

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज पर नजर

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है। अब यहां MBBS की 100 सीटों के आवंटन की उम्मीद जताई जा रही है। सीटों का आवंटन होने के बाद प्रदेश में सरकारी मेडिकल शिक्षा की क्षमता और बढ़ जाएगी।

हालांकि, सीटों का आवंटन संबंधित नियामक अनुमति और आधिकारिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, राज्य चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भविष्य में उत्तराखंड डॉक्टरों और नर्सिंग सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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