देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक चर्चा और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद एसोसिएशन ने अपना चरणबद्ध आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है।
बैठक में एसोसिएशन ने 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले फार्मासिस्टों को प्रथम पदोन्नति के पद का वेतनमान देने, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने समेत कई मांगें प्रमुखता से उठाईं।
एसोसिएशन ने बैठक में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने तथा चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित देयकों का भुगतान और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग भी रखी।
10 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद पदोन्नति के पद का वेतनमान दिए जाने के मामले को डिप्लोमा इंजीनियर्स की तर्ज पर उपसमिति को भेजने पर सहमति बनी। वहीं, वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों को प्रथम एसीपी के तहत पदोन्नति के समकक्ष वेतनमान दिए जाने के मामले में विभाग को भारत सरकार के सेवा संबंधी प्रावधानों का परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने के लिए प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति के लिए आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मासिस्टों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने और चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मेसी अधिकारियों को निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने का अधिकार देने के संबंध में एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में महानिदेशालय स्तर पर पहले ही समिति का गठन किया जा चुका है।
चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित देयकों के भुगतान में हो रही देरी पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी लंबित देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही यात्रा ड्यूटी के दौरान फार्मेसी अधिकारियों के रहने और खाने की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित जिलों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
एसोसिएशन ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद उच्चाधिकार प्राप्त समिति की
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