नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma) ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य पूरा हो चुका है। यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण सहायता और बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को हुई थी। योजना के तहत पारंपरिक कौशल से जुड़े कारीगरों को एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई तरह की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह योजना वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक के लिए 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू की जा रही है और इसमें 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।
योजना के तहत लाभार्थियों को आधुनिक औजारों, बेहतर कार्यप्रणाली, डिजाइन, डिजिटल लेनदेन, मार्केटिंग और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिनों की होती है, जबकि एडवांस ट्रेनिंग 15 दिन या उससे अधिक की हो सकती है। प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
PM Vishwakarma योजना के तहत पात्र कारीगरों को आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए टूलकिट इंसेंटिव दिया जाता है। इसके अलावा कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए रियायती ऋण सहायता का भी प्रावधान है।
योजना में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और कारीगरों के उत्पादों की मार्केटिंग में सहायता भी दी जाती है। लाभार्थियों को PM Vishwakarma Certificate और ID Card भी उपलब्ध कराया जाता है।
योजना का उद्देश्य ऐसे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देना है, जिनकी आजीविका उनके हाथ के कौशल और पारंपरिक व्यवसायों पर निर्भर है। सरकार का लक्ष्य इन कारीगरों को आधुनिक बाजार, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापक सप्लाई चेन से जोड़ना है।
PM Vishwakarma योजना के तहत लाभार्थियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों जैसे बाजार माध्यमों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे कारीगरों के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक एवं तकनीकी रूप से मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, ऋण और बाजार उपलब्ध कराने के माध्यम से कारीगरों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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