नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों को आर्थिक सहायता देने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च 2026 को योजना की 22वीं किस्त जारी की। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जाती है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य पात्र किसान परिवारों को खेती से जुड़े खर्चों में आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिसे तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान का रिकॉर्ड संबंधित सरकारी व्यवस्था में सत्यापित होना जरूरी है। लाभार्थियों की पहचान और भुगतान की प्रक्रिया में बैंक खाते, आधार तथा भूमि संबंधी रिकॉर्ड के सत्यापन को महत्वपूर्ण माना जाता है।
PM-KISAN की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योजना की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
किसान अपनी किस्त का स्टेटस ऑनलाइन भी देख सकते हैं। यदि भुगतान नहीं आया है तो किसान को अपने बैंक खाते, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी की जांच करनी चाहिए।
योजना का लाभ पात्र किसान परिवारों को निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार दिया जाता है। कुछ श्रेणियों को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसलिए केवल खेती की जमीन होने से स्वतः योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित नहीं होता।
लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन राज्य और केंद्र सरकार की संबंधित व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जाता है।
कृषि में बीज, खाद, सिंचाई और अन्य छोटे-बड़े खर्च किसानों पर लगातार बढ़ते रहते हैं। ऐसे में केंद्र की यह प्रत्यक्ष नकद सहायता किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में कुछ आर्थिक सहारा देती है।
केंद्र सरकार की ओर से PM-KISAN को किसानों की आय और कृषि क्षेत्र को समर्थन देने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। योजना के तहत अब तक बड़ी संख्या में किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
खबर का सार: PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं। 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की गई थी।
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