किच्छा। उत्तराखंड के किच्छा में निर्माणाधीन 280 बेड के सैटेलाइट एम्स परियोजना का गुरुवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी चिकित्सालय के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अभियंताओं को श्रमिकों की संख्या और उपकरण बढ़ाकर निर्माण कार्य को गति देने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल का निर्माण आगामी जुलाई माह तक हर हाल में पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, जिससे अगस्त माह से ओपीडी सेवाएं प्रारंभ की जा सकें।
सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता उत्पल त्रिपाठी ने जानकारी दी कि अस्पताल भवन का निर्माण कार्य 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवासीय भवनों का कार्य 85 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है, जिसे मई तक पूरा कर लिया जाएगा। अस्पताल परिसर की सड़कों का निर्माण भी मई तक पूरा होगा, जबकि जून माह में पौधारोपण का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस सैटेलाइट एम्स में 250 बेड, 10 ऑपरेशन थिएटर (ओटी), 30 आईसीयू बेड सहित आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अस्पताल में डायग्नोस्टिक लैब, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए सराय और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण किया जा रहा है।
एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि यदि अस्पताल का कार्य जुलाई तक पूर्ण होकर हस्तांतरित हो जाता है, तो अगस्त माह से ओपीडी सेवाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी।
अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग ने बताया कि एम्स परिसर के हाईवे साइड पर तीन एप्रोच गेट बनाए जा रहे हैं, जहां जुलाई से पहले नाला निर्माण और एप्रोच पुलिया का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव एवं मंडलायुक्त ने परिसर में पौधारोपण भी किया।
इस अवसर पर मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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