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अंकिता मर्डर- उक्रांद ने रुड़की में दिखाए तेवर

देहरादून। बेशक अंकिता हत्याकांड में वीआईपी  के नाम का ‘खुलासा’ करने वाली अभिनेत्री व अन्य सम्वन्धित लोगों से सीबीआई पूछताछ न कर पाई हो। लेकिन कथित ‘वीआईपी’ के सवाल पर आंदोलन जारी है।

2027 के विधानसभा चुनाव के लिए नए सिरे से अंगड़ाई ले रही उत्तराखण्ड क्रांति दल पर्वतीय इलाकों के अलावा मैदानी क्षेत्रों में भी मुद्दा आधारित मौजूदगी दर्ज कराने की ठोस जुगत में लगी है। शनिवार को इसकी झलक भी देखने को मिली। जब रुड़की भाजपा के एक कार्यक्रम में प्रभारी दुष्यन्त गौतम की मौजूदगी का पता उक्रांद को चला।


उक्रांद के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर गौतम का खुलेआम विरोध कर अपने इरादे जाहिर कर दिए। इस दौरान पुलिस के साथ जबरदस्त जोर आजमाइश भी हुई।

इस विरोध प्रदर्शन के बाद  भाजपा कैम्प में हलचल मची हुई है। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को पीएम मोदी के दून कार्यक्रम में दुष्यंत गौतम को दूर रखा गया था। लेकिन अजेय कुमार की मौजूदगी की चर्चा आम रही।


रुड़की में उक्रांद का प्रदर्शन
चुनावी साल में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी को लेकर माहौल में नये सिरे से गर्मी घुल रही है। गर्मी इसलिए भी बढ़ रही है कि फिलहाल  सीबीआई की हलचल नजर नहीं आ रही है। जांच की दशा और दिशा क्या है। इस पर भी बर्फ जमी हुई है। सीबीआई जांच की प्रगति को लेकर शिकायतकर्ता डॉ अनिल प्रकाश जोशी की ओर से भी कोई अपडेट नहीं आया।

इस बीच, अंकिता भंडारी मर्डर के बाद सोशल मीडिया में बुलडोजर कार्रवाई का पुरजोर समर्थन करने वाली पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़, उर्मिला सनावर, भावना पांडेय समेत कुछ अन्य महिलाएं आये दिन एक दूसरे पर मर्यादित सीमा का उल्लंघन कर जमकर प्रहार कर रही हैं।
इस झगड़े का नतीजा सबसे ज्यादा उर्मिला सनावर को भुगतना पड़ रहा है। मुक़दमे दर्ज होने के अलावा आईटी एक्ट के तहत उर्मिला की फेसबुक आईडी भी बन्द कर दी गयी। हाल ही में उर्मिला ने वीडियो वॉयरल कर पंचकुला में करोड़ों रुपए लेकर बैठे एक अनाम शख्स का जिक्र कर हलचल मचा दी थी।  यह आरोप भी चर्चाओं के केंद्र में है।


उधर, खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार पर भी उर्मिला सनावर ने ताबड़तोड़ वार किए थे। वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने की  कार्रवाई के लिए उमेश कुमार ने भी अभियान चलाया था। इसके सबूत पूर्व सीएम हरीश रावत ने सार्वजनिक किए थे। उमेश कुमार ने हरीश रावत व उर्मिला सनावर के आरोपों के बाद ‘मौन’ धारण कर लिया है।

उल्लेखनीय है कि उर्मिला सनावर और पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की अंतरंग बातचीत के वॉयरल होने के बाद एक बार फिर अंकिता भंडारी मर्डर केस के कथित वीआईपी दुष्यंत का नाम सुर्खियों में आया।
हालांकि, अंकिता की मां सोनी देवी ने वीडियो जारी कर भाजपा के संगठन महामंत्री अजेय कुमार को कथित वीआईपी करार दिया था।

उर्मिला सनावर और पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर के कथित ऑडियो/वीडियो क्लिप में “वीआईपी”  का जिक्र मुख्य रूप से  22 दिसंबर 2025 के सामने आया था।
इसके बाद उठे बवंडर व जनाक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को सीबीआई जांच की घोषणा की थी।


एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने अंकिता मर्डर केस को लेकर एक पुलिस रिपोर्ट दर्ज करा दी। फ़रवरी 2026 की शुरुआत में सीबीआई ने अज्ञात वीआईपी  एंगल की जांच अपने हाथों में ले ली और एफआईआर (FIR) दर्ज की।
यह कार्रवाई 2022 से चल रहे मामले में वीआईपी की संलिप्तता के आरोपों की जांच के लिए की गई है। लेकिन ढाई महीने बीतने के बाद भी सीबीआई मर्डर से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के बाबत ठोस तथ्य पेश नहीं कर पाई।
बता दें कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गयी थी। 22 सितंबर को उसकी लाश चीला नहर से बरामद हुई थी।
इसके बाद चले आंदोलन के बाद पुलकित आर्य समेत तीन लोग गिरफ्तार किए गए। मई 2025  में तीनों अभियुक्तों को कोटद्वार कोर्ट में उम्र कैद की सजा सुनाई थी।


इधऱ, शनिवार को रुड़की में उक्रांद के कड़े विरोध के बाद कथित वीआईपी का मसला नये सिरे से गर्मा गया। सीबीआई के ‘मौन’ और  ‘कथित वीआईपी ‘ की सूची में जुड़े लोगों की बेपरवाह चहलकदमी भाजपा नेतृत्व के लिए गर्म दूध की तरह हो गया।
 

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