देहरादून: भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महिला मोर्चा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके पाँच वर्ष के सफल एवं जनसेवा को समर्पित कार्यकाल के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व में महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक भागीदारी तथा महिलाओं के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी राज्य और राष्ट्र की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं मानी जा सकती, जब तक महिलाओं को समान अवसर, सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का वातावरण उपलब्ध न हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ संचालित की गई हैं, जिनसे करोड़ों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने विशेष रूप से उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन को आसान बनाया है। धुएँ वाले चूल्हों से मुक्ति मिलने के साथ महिलाओं का समय बचा है और उनके स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि अब महिलाएँ शिक्षा, स्वरोजगार, कृषि और स्वयं सहायता समूहों जैसी गतिविधियों में अधिक समय दे पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, जबकि जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचने से पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं का श्रम और समय दोनों बचे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, जन धन योजना, डिजिटल इंडिया और कौशल विकास कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी महिलाओं के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और "लखपति दीदी" अभियान जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रही है। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक उत्पाद, पर्यटन, होम-स्टे, हस्तशिल्प, ई-कॉमर्स, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद—जैसे मोटे अनाज, मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी मसाले, बुरांश उत्पाद, ऊनी वस्त्र, हस्तशिल्प और जैविक उत्पाद—आज राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार इन उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति सदैव परिश्रम, त्याग और आत्मबल की प्रतीक रही है। विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार "महिला नेतृत्व में विकास" के विजन को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र एवं राज्य सरकार की महिला कल्याण और सशक्तिकरण योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन पहलों से महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, विकास और महिला कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें पाँच वर्ष के सफल कार्यकाल के लिए पुनः शुभकामनाएँ दीं.
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