रुद्रप्रयाग/कर्णप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारा परिसर में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद तीसरे दिन भी शांत नहीं हो सका। सोमवार को गुरुद्वारे की छत पर मौजूद निहंगों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस एवं आईटीबीपी के जवान पूरे परिसर में तैनात रहे, जबकि प्रशासनिक अधिकारी दिनभर हालात पर नजर बनाए रहे।
चारधाम यात्रा मार्ग पर हुए इस प्रकरण के बाद दिल्ली व पंजाब में भी हलचल देखी जा रही है। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सदस्यों ने डीजीपी से मिलकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार सुबह दो निहंग छत से नीचे भोजन लेने के लिए उतरे। इस दौरान एक निहंग भोजन लेने गया, जबकि दूसरा तलवार लहराने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भोजन लेने आए निहंग को हिरासत में ले लिया, जबकि दूसरा व्यक्ति वापस छत पर पहुंच गया। इसके बाद छत पर मौजूद अन्य निहंगों ने ईंट-पत्थर फेंके, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
गुरुद्वारा परिसर के निचले हिस्से, प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस तथा आईटीबीपी की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। चार निहंग अभी भी गुरुद्वारे की छत पर मौजूद बताए जा रहे हैं। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर डटे हुए हैं और स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास कर रहे हैं।
विवाद के चलते नगरासू बाजार और आसपास के क्षेत्र में भी असर दिखाई दे रहा है। सामान्य दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारे में लंगर ग्रहण करने पहुंचते हैं, लेकिन पिछले तीन दिनों से तनावपूर्ण माहौल के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है।
उधर, 16 जून को सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के संबंध में कर्णप्रयाग कोतवाली में क्रॉस मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच को चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित कर दिया है। जांच हरिद्वार के एसएसपी के पर्यवेक्षण में कराई जाएगी।
इस मुद्दे पर दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने भी डीजीपी दीपम सेठ से वार्ता कर कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, शासन ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सचिव गृह शैलेश बगोली ने बताया कि प्रारंभिक विवाद से लेकर वर्तमान स्थिति तक के सभी तथ्यों को जांच में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा है कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
गुरुद्वारे का काफी सामान तोड़ा
नगरासू गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से जुड़े सदस्यों ने मीडिया से कहा कि ऊपरी मंजिल पर चढ़े निहंगों ने काफी तोड़फोड़ की है। सोलर सिस्टम, व पानी की आपूर्ति को बाधित किया है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पुलिस को सूचित किया है।
एक सेवादार ने कहा कि इन लोगों ने ऋषिकेश में भी झगड़ा क़ियाम इसके बाद धारी देवी में भी लड़ाई की। ये लोग ऐसी गालियां दी रहे हैं जो हमने कभी नहीं सुनी।
उन्होंने एक बुजुर्ग को बंधक बनाया हुआ है। जबकि एक मंद बुद्धि व्यक्ति को हमने छुड़ा लिया। उन्होंने कहा कि हम उनको पंजाब छोड़ने की भी बात कह रहे हैं। कोई कार्रवाई नहीं होगी। पुलिस भी पूरा सहयोग कर रही है। लेकिन वे लोग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल से नीचे नहीं उतर रहे हैं। और तोड़ फोड़ कर रहे हैं। हमारा लाखों का नुकसान कर दिया। तीर्थयात्रियों के लिए बना भोजन भी खराब हुआ है।
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