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उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का बड़ा तोहफा

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने दीपावली के अवसर पर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) देने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये तक का बोनस मिलेगा।

वित्त विभाग की ओर से 2 नवंबर 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

समूह ग, घ और पात्र समूह ख के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह 'ग' एवं 'घ' के कर्मचारियों के साथ समूह 'ख' के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा, जिनका ग्रेड पे 4,800 रुपये तक है। ये कर्मचारी उत्पादकता से जुड़ी किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं होने चाहिए।

पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर अधिकतम बोनस राशि 6,908 रुपये होगी।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा बोनस

सरकार ने कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया है।

इसके लिए छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्षों तक प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना अनिवार्य होगा। वहीं पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

इन कर्मचारियों के लिए बोनस की अधिकतम राशि 1,184 रुपये निर्धारित की गई है।

बोनस के लिए ये शर्तें होंगी जरूरी

शासनादेश के अनुसार बोनस प्राप्त करने के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत होना आवश्यक है। साथ ही इस तारीख तक कम से कम छह महीने की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी होनी चाहिए।

छह महीने से एक वर्ष तक की सेवा पूरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस दिया जाएगा।

विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे कर्मचारियों के बोनस भुगतान पर संबंधित कार्यवाही के परिणाम तक रोक रहेगी। दोषसिद्धि या दंड की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार बोनस देय नहीं होगा।

स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों को भी राहत

इस फैसले का लाभ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी मिलेगा।

हालांकि स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों में बोनस का भुगतान उनकी अपनी वित्तीय स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है। प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना संभव हो पाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह और समृद्धि का पर्व है। ऐसे अवसर पर कर्मचारियों को बोनस दिए जाने से उनके और उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी।

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