देहरादून, 12 जुलाई। देहरादून के परेड ग्राउंड में शनिवार को छठे लोक संवर्धन पर्व का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संयुक्त रूप से किया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प और लोक कलाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकास (PM VIKAS) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ इस आयोजन में साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है, जो सांस्कृतिक संरक्षण और विकास के क्षेत्र में एक नई मिसाल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध भाषाएं, लोक परंपराएं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक धरोहर देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजन न केवल इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं, बल्कि शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, पहचान और आर्थिक अवसर भी प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव स्थानीय कारीगरों और युवा उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज और एक जनपद-दो उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के विकास जैसी विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। मदरसों में आधुनिक तकनीक और आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
150 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर के शिल्पकारों, हस्तशिल्पियों, लोक कलाकारों, उद्यमियों और पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच मिला है। आयोजन स्थल पर 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों की लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और स्थानीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया गया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉ. पराग मधुकर धकाते, विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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