नई दिल्ली। देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) को आगे बढ़ाया है। इस योजना का उद्देश्य नए रोजगार के सृजन को प्रोत्साहित करना और रोजगार पाने वाले लोगों के साथ-साथ नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन देना है।
केंद्र सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत नए कर्मचारियों की नियुक्ति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। योजना के जरिए औपचारिक रोजगार में नए लोगों की भागीदारी बढ़ाने और कंपनियों को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गई है।
सरकार का मानना है कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था में रोजगार आधारित विकास को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना में कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इसका लक्ष्य रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ कंपनियों को अधिक लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना को सामाजिक सुरक्षा और औपचारिक रोजगार के विस्तार से भी जोड़ा गया है। सरकार के मुताबिक, इससे अधिक लोगों को संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
केंद्र सरकार ने योजना के लाभ मार्च 2026 से देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन को गति देना और देश के युवाओं के लिए नौकरी के अवसरों को बढ़ाना है।
सरकार की रोजगार संबंधी पहलों में कौशल विकास और अप्रेंटिसशिप पर भी जोर दिया जा रहा है। जून 2026 तक राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत 54.41 लाख से अधिक अप्रेंटिस विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ चुके थे।
भारत में बड़ी युवा आबादी को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। PM-VBRY जैसी पहल का उद्देश्य कंपनियों को नई नियुक्तियों के लिए प्रोत्साहित करना और युवाओं को औपचारिक रोजगार के दायरे में लाना है।
नोट: योजना की पात्रता, लाभ की राशि और आवेदन से जुड़े नियम समय-समय पर सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।
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