नई दिल्ली। देश के युवाओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, योजना का कुल परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये है। योजना के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे औपचारिक रोजगार का विस्तार करने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने पर जोर है।
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य ऐसे युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना है, जो पहली बार कार्यबल में प्रवेश कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, योजना के तहत लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थियों के पहली बार कार्यबल में प्रवेश करने की उम्मीद है।
इस पहल के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ कंपनियों और नियोक्ताओं को भी नए कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे रोजगार के औपचारिक अवसर बढ़ने और युवाओं को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
PM-VBRY में केवल नौकरी तलाशने वाले युवाओं पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि नए कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इससे निजी क्षेत्र में नई नियुक्तियों को बढ़ावा मिलेगा और अधिक युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार मिल सकेगा।
केंद्र सरकार इस योजना को ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य से जोड़कर देख रही है। रोजगार के अवसर बढ़ाने, युवाओं को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज मजबूत करने के जरिए योजना देश की रोजगार व्यवस्था को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
योजना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
नोट: योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल/सरकारी अधिसूचना के आधार पर ही जांचें।
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