नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और बेघर परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले पांच वर्षों (2021-22 से 2025-26) के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹1.34 लाख करोड़ से अधिक की केंद्रीय सहायता जारी की है।
सरकार के अनुसार, 16 जुलाई 2026 तक देशभर में योजना के तहत 4.18 करोड़ आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिनमें से 3.92 करोड़ आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 3.10 करोड़ से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। इसके तहत—
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक योजना के अंतर्गत—
सरकार ने बताया कि विभिन्न संस्थानों द्वारा किए गए मूल्यांकन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पाया गया है। अध्ययन के अनुसार योजना से आवास सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आय, बचत और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, जबकि बेघरपन और मजबूरी में होने वाले पलायन में कमी आई है।
0 Comments