देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें तीन जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क की स्थापना, प्रदेश के पहले युवा आयोग का गठन, युवाओं के लिए नई स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश बढ़ाने जैसी घोषणाएं शामिल हैं।
1. तीन जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की सरकार की योजना है।
2. प्रदेश में पहला युवा आयोग
राज्य में युवाओं से जुड़े विषयों पर काम करने के लिए प्रदेश के प्रथम ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।
3. सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को अतिरिक्त सहायता
सीमावर्ती गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि का विनियमितीकरण
वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाई जाएगी और पात्र लोगों को भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश बढ़ेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
6. 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए नई स्वरोजगार योजना
18 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’ शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
7. बाल वीरता पुरस्कार की शुरुआत
प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।
समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक जल्द राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार देना और जिन लोगों ने घर व आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं को उन्होंने राज्य की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किए जाने की बात कही।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के साथ अब वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया।
युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। इसके लिए इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था का उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का भी उल्लेख किया। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और इसके लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने खेलों के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के साथ खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया।
देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी के निर्माण के साथ साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर और स्टेम लैब्स जैसी पहलों की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित होने तथा स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर करीब 1,750 होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान और आधुनिकता के साथ संस्कृति एवं पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, शासन के सचिवगण, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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