देहरादून/चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) से इस वक्त की बेहद बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है।
यहां विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की एक निर्माणाधीन सुरंग (टनल) अचानक धंस गई है। भारी भूस्खलन के कारण टनल के भीतर भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया है, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है।
???? टनल के अंदर लगभग 18 से 25 मजदूरों के फंसे होने की शुरुआती आशंका जताई गई है।
युद्ध स्तर पर रेस्क्यू:
जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर मौजूद। टनल से मलबा हटाने का काम तेजी से जारी।
सुरक्षित निकाले गए लोग: चमोली जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, अब तक 13 से 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं।
सीएम की नजर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लिया। अधिकारियों को सभी संसाधनों के साथ तत्काल बचाव कार्य तेज करने के सख्त निर्देश दिए।
बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से स्थिति की जानकारी लेकर बचाव अभियान पूरी तत्परता और समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
टीआरटी यानी टेल रेस टनल जल विद्युत परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिगत सुरंग होती है। टरबाइन से बिजली उत्पादन के बाद इस्तेमाल किए गए पानी को पावरहाउस से बाहर निकालकर मुख्य नदी में प्रवाहित करने का काम इसी सुरंग से किया जाता है। पीपलकोटी परियोजना में टीआरटी की लंबाई करीब ढाई किलोमीटर है।
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