नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में इंडिया टुडे ग्रुप के मेगा ब्रांड बिजनेस टुडे द्वारा आयोजित BTIndia@100 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। ‘Uttarakhand: Powering India’s Industrial Growth’ विषय पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसरों और राज्य के विकास मॉडल को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखण्ड की औद्योगिक पहचान में बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। राज्य सरकार ने निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित न रखते हुए उन्हें धरातल पर उतारने के लिए नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियां कीं। निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य में बड़े औद्योगिक लैंड बैंक सीमित हैं, लेकिन हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जैसे क्षेत्रों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप भूमि उपलब्ध है। उन्होंने उद्योग जगत को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को भूमि के साथ आवश्यक बुनियादी सुविधाएं और अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
धामी ने उत्तराखण्ड की मजबूत कनेक्टिविटी को निवेश के लिए प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं।
हरिद्वार राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी उन्होंने औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, इसके लिए पर्वतीय जिलों में भी नई औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पौड़ी, अल्मोड़ा और चमोली में औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही ‘एक जिला-दो उत्पाद’ जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक आर्थिक गतिविधियों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए कहा कि 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
धामी ने राज्य में स्टार्टअप और स्वरोजगार के बढ़ते इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के समय उत्तराखण्ड में करीब 700 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या लगभग 2,000 तक पहुंच गई है। होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से युवा और महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं और महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, उत्पाद तैयार करने, बाजार से जुड़ने, प्रशिक्षण प्राप्त करने और ऋण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत अब तक 13 हजार से अधिक लोगों ने प्रशिक्षण पूरा किया है।
पलायन की चुनौती का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं में ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ को राज्य के काम लाना शामिल है। पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की पर्यटन क्षमता को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश में बढ़ती संख्या का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का उल्लेख किया। आदि कैलाश क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री ने जेन-जी को ‘इंडियन जनरेशन’ बताते हुए कहा कि आज का युवा दुनिया से जुड़ा हुआ, जागरूक और अपनी आकांक्षाओं को लेकर स्पष्ट है। डिजिटल और संचार क्रांति ने युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं की अपेक्षाओं को समझते हुए उन्हें बदलती दुनिया के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
BTIndia@100 के मंच से मुख्यमंत्री ने मारुति और हुंडई सहित देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि, बुनियादी सुविधाएं और अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड निवेश के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और संभावनाओं से भरा राज्य है। प्राकृतिक संपदा, गंगा और यमुना जैसी नदियां, बेहतर कानून-व्यवस्था, कुशल मानव संसाधन, पर्यटन क्षमता और बेहतर होती कनेक्टिविटी राज्य को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं।
उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखण्ड की संभावनाओं का लाभ उठाने और राज्य में निवेश के लिए आगे आने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का विकास मॉडल अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है। औद्योगिक विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी, स्थानीय उत्पाद और पर्वतीय क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियों को जोड़कर राज्य एक व्यापक और संतुलित विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि निवेश और रोजगार के नए अवसरों का लाभ राज्य के मैदानी और पर्वतीय, दोनों क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे और उत्तराखण्ड देश की आर्थिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण भागीदार बने।
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