नई दिल्ली। घर की खूबसूरती में लाइटिंग का अहम रोल होता है। सिर्फ रोशनी के लिए लगाई गई तेज बल्ब या ट्यूबलाइट कमरे को रोशन तो कर देती है, लेकिन सही डिजाइन और जगह पर लगाई गई आधुनिक लाइटिंग घर के इंटीरियर को ज्यादा आकर्षक बना सकती है। आजकल सीलिंग लाइट से लेकर स्पॉटलाइट, कोव लाइटिंग और LED स्ट्रिप तक कई विकल्प उपलब्ध हैं।
अगर आप भी घर में पुराने लाइटिंग सेटअप को बदलने की सोच रहे हैं, तो इन विकल्पों पर गौर कर सकते हैं।
ट्यूबलाइट या बल्ब की जगह LED सीलिंग लाइट लगाई जा सकती है। ये छत पर कॉम्पैक्ट तरीके से फिट हो जाती हैं और अलग-अलग आकार व डिजाइन में उपलब्ध होती हैं। खासकर छोटे कमरों में ऐसी लाइटिंग छत को ज्यादा साफ और व्यवस्थित लुक दे सकती है।
घर में कोई पेंटिंग, शोपीस, पौधा या खास डेकोरेशन पीस है तो उस हिस्से पर स्पॉटलाइट लगाई जा सकती है। इसका इस्तेमाल पूरे कमरे को रोशन करने के बजाय किसी खास जगह पर फोकस देने के लिए किया जाता है।
अगर आप कमरे को एलिगेंट लुक देना चाहते हैं तो कोव लाइटिंग एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें रोशनी सीधे आंखों पर पड़ने के बजाय छत या फॉल्स सीलिंग से रिफ्लेक्ट होकर फैलती है। इससे कमरे में सॉफ्ट और आरामदायक माहौल बनाया जा सकता है।
लाइटिंग सिर्फ छत तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। दीवारों पर वॉल लाइट लगाकर कमरे के खास हिस्से को सजाया जा सकता है। पेंटिंग, फोटो फ्रेम या टेक्सचर वाली दीवार के आसपास ऐसी लाइटिंग लगाने से वह हिस्सा ज्यादा उभरकर दिखाई दे सकता है।
कम खर्च में इंटीरियर को मॉडर्न बनाने के लिए LED स्ट्रिप लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें टीवी यूनिट, बेड के पीछे, किचन कैबिनेट, अलमारी या सीढ़ियों के किनारे लगाया जा सकता है। इनका इस्तेमाल मुख्य रोशनी के बजाय एंबिएंट या डेकोरेटिव लाइटिंग के तौर पर किया जा सकता है।
डाइनिंग टेबल या किचन काउंटर के ऊपर पेंडेंट लाइट कमरे को अलग लुक दे सकती है। छोटे डाइनिंग एरिया में बहुत बड़ी या भारी लाइट लगाने के बजाय कॉम्पैक्ट डिजाइन चुनना बेहतर रहेगा, ताकि जगह ज्यादा भरी हुई न लगे।
पुराने ज्यादा गर्म होने वाले बल्बों की तुलना में LED लाइट आम तौर पर कम गर्मी पैदा करती हैं और बिजली की खपत भी कम हो सकती है। हालांकि कमरे का तापमान केवल लाइटिंग पर निर्भर नहीं करता। धूप, वेंटिलेशन, पंखे, एसी और कमरे के आकार जैसी कई चीजें भी इसमें भूमिका निभाती हैं।
लाइटिंग चुनते समय कमरे के इस्तेमाल को ध्यान में रखना चाहिए। लिविंग रूम में सॉफ्ट एंबिएंट लाइटिंग, बेडरूम में वार्म टोन, जबकि किचन जैसे कामकाजी हिस्सों में पर्याप्त ब्राइट लाइट उपयोगी हो सकती है।
यानी घर का लुक बदलने के लिए हमेशा महंगे फर्नीचर या बड़े रेनोवेशन की जरूरत नहीं होती। कई बार सही जगह और सही प्रकार की लाइटिंग ही कमरे के पूरे माहौल को बदल सकती है।
0 Comments