देहरादून: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2.0 के तहत संचालित जलग्रहण विकास घटक (WDC-PMKSY 2.0) के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को विशेष वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में योजना की प्रगति और केंद्र की ओर से दी जा रही सहायता की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2025-26 की परियोजना अवधि में उत्तराखंड की 15 जलग्रहण विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 0.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचार किया जाएगा। परियोजनाओं की कुल लागत 232.26 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 209.03 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। अब तक राज्य को 106.05 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है।
योजना की मूल अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, शेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने परियोजना अवधि को सितंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए उत्तराखंड को 31.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें से 15.79 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिससे परियोजनाओं का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रस्तावित WDC-PMKSY 3.0 के तहत राज्यों को परियोजनाओं का आवंटन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसमें समयबद्ध क्रियान्वयन, केंद्रीय सहायता का प्रभावी उपयोग और परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करना प्रमुख मानदंड होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि स्वीकृत परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और केंद्र से प्राप्त सहायता का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग किया जा सके। साथ ही, भूमि संसाधन विभाग की ओर से उत्तराखंड सरकार को हरसंभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है।
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